Anubhav : Munshi Premchand 5 years ago अनुभव मुंशी प्रेम चंद 1 प्रियतम को एक वर्ष की सजा हो गयी। और अपराध केवल इतना था, कि तीन दिन पहले जेठ की तपती दोपहरी में उन्होंने राष...Read More
Anisht Shanka : Munshi Premchand 5 years ago अनिष्ट शंका मुंशी प्रेम चंद चाँदनी रात, समीर के सुखद झोंके, सुरम्य उद्यान। कुँवर अमरनाथ अपनी विस्तीर्ण छत पर लेटे हुए मनोरमा से कह ...Read More
Anath Larki : Munshi Premchand 5 years ago अनाथ लड़की मुंशी प्रेम चंद 1 सेठ पुरुषोत्तमदास पूना की सरस्वती पाठशाला का मुआयना करने के बाद बाहर निकले तो एक लड़की ने दौड़कर उनका द...Read More
Andher : Munshi Premchand 5 years ago अंधेर मुंशी प्रेम चंद 1 नागपंचमी आई। साठे के जिन्दादिल नौजवानों ने रंग-बिरंगे जांघिये बनवाये। अखाड़े में ढोल की मर्दाना सदायें गूँजने ल...Read More
Adhikar Chinta : Munshi Premchand 5 years ago अधिकार-चिन्ता मुंशी प्रेम चंद 1 टामी यों देखने में तो बहुत तगड़ा था। भूँकता तो सुननेवाले के कानों के परदे फट जाते। डील-डौल भी ऐसा कि अ...Read More
Agni Samadhi : Munshi Premchand 5 years ago अग्नि-समाधि मुंशी प्रेम चंद साधु-संतों के सत्संग से बुरे भी अच्छे हो जाते हैं, किन्तु पयाग का दुर्भाग्य था, कि उस पर सत्संग का उल...Read More